भारत देश में बच्चों को ईश्वर का रूप माना जाता है और बच्चियों को खासकर मां लक्ष्मी या मां दुर्गा का रूप माना जाता है। कई जगह ऐसे ही मामले सामने आए हैं जहां घर में बच्चियों के जन्म लेने से घर की स्थिति सुधर गई। मगर आज भी भारत में ऐसी रूढ़िवादी मानसिकता के लोग हैं जो बेटियों के जन्म को मुसीबत समझते हैं। खासकर ऐसा गरीब तबक़े में ज्यादा होता है। मगर उनमें से कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो उन बच्चियों के लिए मसीहा बन जाते हैं। आइए आज आपको मिलवाते हैं गुजरात के बड़े व्यापारी महेशभाई सवानी से जिन्होंने पिछले 23 दिसंबर को 261 गरीब और बेसहारा बच्चियों की सामूहिक शादी करवाई।

9 साल से कर रहे हैं पुण्य काम-: महेशभाई सवानी पिछले 9 साल से लगातार इस पुण्य कार्य को कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने अब तक कुल मिलाकर 3124 बेसहारा लड़कियों की शादी करवाई है। अपने बिज़नेस की कमाई वह इसी पुण्य काम में लगा रहे हैं। वह हर साल एक बार सामूहिक विवाह करवाते हैं जिसमें धर्म और जातिवाद का कोई बंधन नहीं होता।

शादी के बाद भी रखते हैं ख्याल-: महेश भाई बेटियों की शादी करने के बाद भी उनका अपनी बेटियों की तरह ख्याल रखते हैं। उनके बच्चों के जन्म पढ़ाई, इलाज का खर्चा वह खुद वहन करते हैं। वह कोशिश करते हैं कि सभी बच्चियों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। महेश भाई शादी करने के बाद बच्चियों के अच्छे और सुरक्षित भविष्य के लिए पूरी कोशिश करते हैं।

बनाई है आपात बैंक कोष योजना-: उन्होंने हाल में ही एक आपात बैंक योजना की स्थापना की है जिसमें उनके द्वारा ब्याही गई बेटियों की तरफ से हर महीने ₹500 जमा करने होंगे। इससे उनका भविष्य भी सुरक्षित रहेगा और आवश्यकतानुसार में पैसे अपने निकाल भी सकेंगे। उन्होंने बताया कि वह कोशिश करते हैं कि जितने भी दामाद हैं उन सब को रोजगार मिले और सभी सुखी और संपन्न रहें। वाक़ई महेशभाई सवानी बेहद नेक़ कार्य कर रहे हैं। भगवान उनकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण करें।

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