” कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होतीं ” हरिवंश राय बच्चन द्वारा लिखे गए इस कविता में उन लोगों को बारे में बताया जाता हैं जो लगातार प्रयास / मेहनत / परिश्रम करते हैं उन्हें कभी ना कभी लाइफ में सफलता जरूर हाथ लगती हैं । आज हम आपके सामने एक ऐसे ही दंपति की कहानी लेकर आया है जिन्होंने बांस से फ़ुर्नीचर बनाना का काम शुरू किया था। जब उन्होंने ये काम शुरू किया तब लोगों का काफी आलोचना झेलना पड़ा था परंतु उन्होंने कभी हार नहीं मानी और आज खड़ा कर चुके हैं करोड़ो का बिज़नेस। आइए आगे जानते हैं उनकी पूरी स्टोरी।

हैदराबाद के प्रशांत और अरुणाआज हम जिनके बारे में बात करने वाले है वह हैदराबाद के रहने वाले है। उनका नाम अरुणा और प्रशांत लिंगम है। आज इस दंपति को शादी के बंधन में बंधे हुए 15 साल हो चुका है। शादी के कुछ दिन बाद एक दिन दोनों अरुणा और प्रशांत मार्केट फ़ुर्नीचर खरीदने गए थे जहाँ उन्होंने बांस से बने बहुत से फ़ुर्नीचर देखे जो देखने में काफी सुंदर तथा आकर्षक थे। इन बांस से बने फ़ुर्नीचर अरुणा और प्रशांत को इतना पसंद आया कि इन्होंने उसी वक्त अपने दिमाग में ठान लिया कि वो आगे चलकर इसी के ऊपर काम करेंगे।

माता – पिता को पसंद नहीं आयाजब अरुणा और प्रशांत घर वापस आये तब उन्होंने अपने माता – पिता को पूरी कहानी बताई । उन्होंने अपने माता – पिता को कहा कि वह दोनों भी इस पर काम करने चाहते हैं लेकिन उनके माता पिता इस बात के लिए राजी नही हुए। घरवालों के द्वारा माना करने के बाद दंपति ने अलग रास्ता निकालने का सोचा। दोनों ही एक योजना का तहत फॉरेस्ट स्टडी टूर पर निकल गए । उन्होंने बांस संबंधी कई तरह की जानकारी हासिल की। उन्होंने इस टूर के समय जाने कि बांस का कारोबार भारत में बहुत बड़ा है। साथ ही इससे बहुत से बेरोजगार लोगों को रोजगार भी प्राफ्त हो सकता हैं।2008 में लोन लेकर शुरू किया काम

आपको बता दे दैनिक भास्कर को दिये गए इंटरव्यू में दंपति ने बताया कि उन्होंने बांस का बिज़नेस 2008 में शुरू किया। साथ ही काम में तेजी लाने के लिए दंपति ने बैंक से 60 लाख रुपया का लोन भी लिया। दंपति ने आंध्र प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों के लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था भी करवाई। जिससे ग्रामीण लोग भी सीखकर इस काम से जुड़ सके।

आज खड़ा कर चुके हैं करोड़ो का बिज़नेस।

दोनों का शुरुआत काफी ही कठिन था पर आज उनको मेहनत का फल हासिल हुआ। आज दंपति बांस से फ़ुर्नीचर वाले बिज़नेस से कराेड़ों में कमाई कर रही। आज इस बिज़नेस से ना केवल प्रशांत और अरुणा अपना घर चला रहे हैं बल्कि उन्होंने बहुत से लोगों को रोजगार देकर उनका घर चलाने में भी मदद कर रहे हैं।

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