कपड़ों को धोने के लिए हम काफी कंपनियों के पाउडर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन घड़ी डिटर्जेंट पाउडर एक ऐसी पाउडर हैं जिसपर काफी ज्यादा लोग विश्वास करते हैं और आज घड़ी डिटर्जेंट पाउडर भारत का सबसे प्रसिद्ध ब्रांड हैं.

घड़ी डिटर्जेंट कंपनी की शुरुआत कैसे हुई?

घड़ी डिटर्जेंट कंपनी की शुरुआत कानपुर के रहने वाले 2 भाईयों ने मिलकर की थी. उन दोनों का नाम मुरली बाबू और बिमल ज्ञानचंदानी हैं जिन्होंने घड़ी डिटर्जेंट कंपनी की शुरुआत कानपुर से की थी जो आज भारत का एक बड़ा ब्रांड बन चुका है. उन दोनों ने शुरुआत में फजलगंज में एक डिटर्जेंट फैक्ट्री की शुरुआत की थी जो काफी छोटी थी. उस फैक्ट्री का नाम उन्होंने श्री महादेव सोप इंडस्ट्री रखा था.

उनको वैसे शुरुआत में कुछ भी सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और कुछ ना कुछ नया करते रहें. उन्होंने ज्यादा से ज्यादा मात्रा में फैक्ट्री को बढ़ाया और पूरे उत्तरप्रदेश में इसको आगें बढ़ाना का फैसला किया.

एक टैग लाइन ने बदल डाली उनकी किस्मत:

उन्होंने फिर घड़ी डिटर्जेंट को एक टैग लाइन दी जिसका नाम रखा पहले इस्तेमाल करें फिर विश्वास करें. फिर ये टैग लाइन लोगों के ज़ुबान पर चढ़ गयी और फिर लोग घड़ी डिटर्जेंट को सच में इस्तेमाल करने लगे. इस टैग लाइन ने उनका बिजनेस काफी आगें बढ़ाया और ये बिजनेस काफी आगें बढ़ता ही गया.

12 हजार करोड़ रुपए के मालिक हैं दोनों भाई:

आज घड़ी डिटर्जेंट भारत की सबसे बड़ी ब्रांड में से एक हैं. साल 2005 में उन्होंने इस कंपनी का नाम RSPL किया और इसे और बड़ा बनाया फिर आज ये कंपनी दुनियाभर में बिजनेस करती हैं और घड़ी डिटर्जेंट का इस्तेमाल लोग घर घर में करते हैं. जब भी हम टीवी पर एड देखते हैं तब पहले इस्तेमाल करें फिर विश्वास करें बोलते ही हैं इतना शानदार टैग लाइन उन्होंने बनाया था.

दोनों भाईयों ने कभी भी हार नहीं मानी और कुछ ना कुछ नया करते रहें जिससे उनको बड़ा फायदा मिला और आज उनका एक बड़ा नाम हैं.

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